DDC के परिणाम से गदगद उमर अब्दुल्ला बोले- 370 की बहाली की लड़ाई में अब जनादेश हमारे साथ

जम्मू-कश्मीर के जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के नतीजों में बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी ने बुधवार को कहा है कि गुपकर गैंग पीएम मोदी को चुनौती नहीं दे सका। बीजेपी ने यह भी बताया कि गुपकर गैंग के सभी दलों को मिलाकर भी उनसे ज्यादा वोट भाजपा को मिले हैं। उन्होंने कहा कि डीडीसी चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई, लोगों की आशा की जीत हुई और पीएम मोदी जी ने जो कश्मीर के लिए सोचा ये उसकी जीत है। इस चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। बीजेपी को 75 सीटें मिली, नेशनल कांफ्रेंस को 67 सीट, पीडीपी को 27 और कांग्रेस को 26 सीट मिली हैं। रविशंकर ने कहा कि जो बार-बार गुपकार एलायंस की जीत बताई जा रही है, वो एलायंस इसलिए बनी क्योंकि वे जानते थे कि वो BJP से अकेले नहीं लड़ सकते थे।BJP को 4,87,364 वोट मिले हैं,NC को 2,82,514,PDP को 57,789 और कांग्रेस 1,39,382मिले हैं इन तीनों का वोट मिला दीजिए तो BJP का वोट इनसे अधिक है।

DDC के परिणाम से गदगद उमर अब्दुल्ला बोले

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव के नतीजों और रुझानों को भाजपा (BJP) और उसकी ‘प्रॉक्सी राजनीतिक पार्टी’ के लिए आंख खोलने वाला बताया और कहा कि लोगों ने राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त करने के फैसले को खारिज कर दिया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर ने पीटीआई-भाषा से कहा कि नतीजे और रुझान गुपकर (गठबंधन) के लिए एक ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’ है और वे उस ‘दृष्टिकोण’ का समर्थन करते हैं कि पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने तथा इसे केंद्रशासित प्रदेश में बदलने की को लोगों ने स्वीकार नहीं किया है | उमर ने कहा, ‘अब अगर भाजपा और उसकी ‘प्रॉक्सी’ राजनीतिक पार्टी लोकतंत्र में विश्वास करती है, जैसा कि उन्होंने कहा है, तो उन्हें तुरंत अपने फैसला वापस लेना चाहिए और इस क्षेत्र के लोगों के फैसले का सम्मान करना चाहिए.’ नेकां नेता ने कहा कि भाजपा ने डीडीसी चुनावों में प्रचार के लिए कई केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं को यहां भेजा था. उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने इन चुनावों को 2019 की अपनी नीति के लिए जनमत संग्रह में बदल दिया. मुझे उम्मीद है कि वे लोगों की इच्छा को समझ गए होंगे |

क्या ये चुनाव 370 पर रेफरेंडम है?

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला से जब पूछा गया कि क्या इस चुनाव के नतीजे अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर रेफरेंडम हैं? इस सवाल के जवाब पर उमर ने कहा कि हमने इस चुनाव को जनमत संग्रह नहीं बनाया, बल्कि उन लोगों ने ऐसा किया. अब जब चुनाव के नतीजे आ गए हैं तो उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए |

इन चुनावों का क्या संदेश है?

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इन नतीजों का संदेश स्पष्ट है और ये संदेश ये है कि 2019 में अनुच्छेद 370 और विशेष दर्जे को लेकर जो बदलाव किया गया था लोग उसे स्वीकार नहीं करते हैं और लोग बीजेपी के उस प्रोपेगेंडे को भी स्वीकार नहीं करते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोग 370 हटाने के पक्ष में हैं |

अब गुपकार क्या करेगा?

इन चुनाव के नतीजों के बाद गुपकार गठबंधन का अगला कदम क्या होगा? इस सवाल के जवाब में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब हमारे पास 370 को हटाने के खिलाफ संघर्ष करने के लिए जनादेश है. हम 370 की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेंगे |

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