सांप्रदायिक तनाव की पहचान बन चुके क्षेत्र में सौहार्द की बयार बना रक्षाबंधन

टीएनए रिपोर्टर लखनऊ – प्रदेश की राजधानी मे पुराने लखनऊ के नाम से प्रचलित एक क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है । अक्सर ऐसा देखा गया है की इस क्षेत्र मे पोस्ट होने वाले पुलिस अफसर अपनी जुगत लगाकर ट्रांसफर करा लेते है । परंतु राजधानी के ठाकुरगंज थानाक्षेत्र की अति संवेदनशील मानी जाने वाली हुसैनाबाद चौकी के चौकी इंचार्ज ने इन सारी भ्रामक बातों पर पूर्णविराम लगाते हुये एक मिसाल पेश किया है जो क्षेत्र मे चर्चा का विषय बना हुआ है ।
 थानाक्षेत्र ठाकुरगंज के हुसैनाबाद चौकी मे तैनात अतुल श्रीवास्तव को मुस्लिम महिलाओं ने राखी बांध कर उनके कार्यशैली के प्रति आभार व्यक्त किया । बताते चले अतुल श्रीवास्तव को राखी बांधने के लिए सुबह से चौकी में क्षेत्रीय मुस्लिम महिलाओं का तांता लगा हुआ था । चौकी इंचार्ज अतुल श्रीवास्तव ने चौकी पर पहुंची महिलाओं से राखी बंधवाया व उन्हे  उपहार भी भेंट किया । इसके साथ ही कुछ महिलाएं ऐसी भी थी जो थाने नहीं पहुँच सकी और चौकी इंचार्ज को मुहल्ले मे आमंत्रित किया और सामूहिक राखी बांधी।
ऐसा क्या हुआ जिस पर मुस्लिम महिलाओं ने बांधी राखी ?
 बताते चलें कि मुहल्ले की रेशमा परवीन नामक लड़की की माँ मुन्नी का वर्षों पहले इंतकाल हो गया था। मरते समय मुन्नी ने अपनी बेटी रेशमा को मुहल्ले वालों के हाथ में देकर वादा लिया कि रेशमा की शादी के समय मकान और गहने में उसका हक दिलाया जाएगा। मुन्नी की मृत्यु के बाद उसके पिता साजिद ने दूसरा विवाह कर लिया जिससे उसकी दो बेटियां और हुईं। रेशमा ने हाल में ही अपनी मर्जी से आकिब नामक युवक से विवाह कर लिया। प्रेमविवाह का बहाना लेकर रेशमा की सौतेली माँ संजीदा बानो ने रेशमा को मकान और गहने देने से इंकार कर घर से निकाल दिया। मुहल्ले वालों के अनुरोध पर हुसैनाबाद चौकी प्रभारी ने कई दिन प्रयास कर समझा बुझा कर सौतेली माँ से रेशमा को उसका हक दिलवाया जिससे प्रभावित होकर मुहल्ले की महिलाओं ने चौकी प्रभारी को आमंत्रित कर सामूहिक राखी बाँधकर धन्यवाद दिया। मजलूम रेशमा भी ऐसा भाई पाकर बहुत खुश नजर आई
मेरे भाई पर मुझे नाज है !
चौकी इंचार्ज अतुल श्रीवास्तव की जोधपुर निवासिनी आईआईएफटी में प्रोफेसर बहन अंकिता ने बताया की ज्यादा दूरी की वजह से  रक्षाबंधन पर वो अपने भाई को राखी बांधने लखनऊ नहीं आ पाती हैं जिसके कारण उन्होने डाक के माध्यम से उन्हे राखी भेजी थी । परंतु  उन्हे ऐसे भाई पर गर्व है जिनको क्षेत्रीय महिलाओं ने अपने भाई का दर्जा दिया । अंकिता श्रीवास्तव ने बताया की राखी सिर्फ अपने भाई बहनों का त्योहार नहीं है अपितु इस त्योहार पर हर व्यक्ति को समाज की मजलूम महिलाओं को बहन मान कर निभाना चाहिए। रक्षाबंधन भाई बहनों का आपसी सहयोग व प्यार का प्रतीक है जिसे भैया ने बखूबी निभाया है । अंकिता ने यह भी बताया की अगर समाज मे हर एक बहन का ऐसा भाई हो तो समाज मे किसी बहन का शोषण नहीं होगा ।

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