बिहार : ट्रैक पर भरा पुनपुन नदी का पानी, पटना-गया रेल रूट बंद

पटना. बिहार के 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति बरकरार है। सुकून इस बात का है कि गंगा का जलस्तर बक्सर से लेकर पटना के गांधीघाट तक घट रहा है। लेकिन, राज्य की प्रमुख नदियों में सबसे खतरनाक स्थिति पुनपुन की बनी हुई है।

गुरुवार काे पुनपुन का रिंग बांध कई जगहाें पर टूट गया। इसके कारण पानी तेजी से पटना के सुरक्षा बांध की ओर पहुंच रहा है। इससे बांध पर भी दबाव बढ़ गया है। पटना-गया रेल लाइन तक भी पानी पहुंच गया है। रेल लाइन पर खतरे काे देखते हुए इस रूट पर ट्रेनें राेक दी गई हैं। गुरुवार को पुनपुन 11 सेमी बढ़ी और श्रीपालपुर में यह खतरे के निशान से 3 मीटर ऊपर बह रही थी। इसके जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।  इधर, गांधीघाट से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर लाल निशान से अभी भी ऊपर है, लेकिन उतार पर है। बक्सर में बीते 72 घंटों में गंगा के डिस्चार्ज में 2 लाख क्यूसेक कमी आई है। फिर भी डाउनस्ट्रीम में पानी घटने की गति काफी धीमी है। अपस्ट्रीम में इलाहाबाद से लेकर वाराणसी तक गंगा एक बार फिर बाढ़ पर है। यह संकेत है कि नदी में अगले दो-तीन दिनों में पानी फिर बढ़ेगा लेकिन उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचेगा जितना वह अब तक पहुंच चुका है।

उत्तर बिहार की अधिकतर नदियां स्थिर

बूढ़ी गंडक, कमला बलान, भुतही बलान, लालबेकया,अधवारा, खिरोई, महानंदा का प्रवाह कमोबेश स्थिर है। पानी बढ़ रहा है तो घाघरा का दरौली से लेकर गंगपुर सिसवन तक और बागमती का बेनीबाद में लेकिन ये नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य की सभी नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में अगले 24 घंटे में हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। अगर भारी बारिश होती है तो नदियों के जलस्तर में वृद्धि के आसार हैं।

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से (मी.)पार

स्थान जलस्तर
बक्सर -0.67
दीघा +0. 25 (0.24)
गांधीघाट +0.89 (0.23)
मुंगेर +0. 24 (0.5)
भागलपुर +0.72(0.6)
कहलगांव +1.27(0.03)
साहेबगंज +1.30(0.00)
फरक्का +2.12(0.16)

दानापुर में पानी में घिरे लोग

भीषण जलजमाव से दानापुर के दो दर्जन से ज्यादा मोहल्लों के 1.5 लाख लोग 5 दिनों से घरों में कैद हो कर रह गए हैं। रास्तों और गलियों में घुटने से कमर तक पानी लगा है। दर्जनों जगह घरों में पानी घुसा हुआ है। हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पानी तो कम हो रहा है पर मुसीबतें नहीं। पानी सड़ने लगा है।

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