नये साल में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? केंद्र ने राज्यों से VAT घटाने को कहा !!

एकबार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान पर पहुंचने लगी हैं. डीजल की कीमतें सितंबर, 2014 के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. वहीं, पेट्रोल की कीमत भी लगातार बढ़ रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है. उसने एक बार फिर राज्य सरकारों से अपील की है कि वे वैट और सेल्स टैक्स में कटौती करें, ताकि आम आदमी को बढ़ती कीमतों से राहत मिल सके. ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों से कहा है कि कई राज्यों ने पेट्रोल और डीजल पर वैट और सेल्स टैक्स में कटौती कर दी है. उन्होंने उन राज्यों से भी वैट घटाने की अपील की है, जो फिलहाल ज्यादा वैट वसूल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन राज्यों को यह कदम आम आदमी के हित में उठाना चाहिए. पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर उन्होंने कहा कि जैसे ही सभी राज्यों के बीच सहमति बन जाएगी, इसे जीएसटी के तहत ला दिया जाएगा. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नये साल में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है. वित्त मंत्री अरुण जेटली भी इस तरफ संकेत दे चुके हैं. अगर पेट्रोल और डीजल जीएसटी के तहत आता है, तो इन जरूरी ईंधन की कीमत काफी नीचे आ सकती है. जीएसटी के तहत आपको एक लीटर पेट्रोल के लिए 45 रुपये के करीब चुकाने पड़ सकते हैं. ये स्थ‍िति तब होगी, जब सरकार पेट्रोल पर 28 फीसदी टैक्स लगाएगी. बता दें कि इसी साल अक्टूबर में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर दो रुपये एक्साइज ड्यूटी घटा दी थी. केंद्र सरकार की तरफ से ये कटौती किए जाने के बाद एक लीटर पेट्रोल पर 21.48 रुपये के बदले आपको 19.48 रुपये एक्साइज ड्यूटी के तौर पर चुकाने पड़ते हैं. वहीं, डीजल पर आपको 17.33 की जगह अब 15.33 रुपये चुकाने पड़ते हैं. इससे पहले भी केंद्र सरकार राज्यों को वैट घटाने को लेकर अपील कर चुकी है. मोदी सरकार की अपील के बाद गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों ने वैट घटाया था. !!

साल के आखिरी दिन घने कोहरे की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर !!

नई दिल्ली : साल के आखिरी दिन दिल्ली-एनसीआर घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। कई जगहों पर विजिबिलिटी करीब शून्य के बराबर है, जिस वजह से सड़कों पर पहियों की रफ्तार धीमी हुई है। रविवार की छुट्टी की वजह से सुबह सड़कों पर ट्रैफिक कम था, जो लोग सफर में हैं, उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घने कोहरे की वजह से दिल्ली से जाने और यहां आने वाली सभी फ्लाइटों को स्टैंडबाइ में रखा गया है। कोहरे की वजह से देर रात से ही दिल्ली-नोएडा फ्लाइवे पर विजिबिलिटी शून्य रही। संदीप रविवार को भी काम पर जाते हैं। उन्होंने बताया कि डीएनडी पर चढ़ते ही उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। एक बार तो ऐसा लगा कि डीएनडी कहां चला गया। आखिरकार उन्होंने दूसरे वाहनों के पीछे अपनी बाइक करके धीरे-धीरे डीएनडी क्रॉस किया। इस वजह से उन्हें ऑफिस पहुंचने में भी कुछ देरी हुई। कुछ यही हाल तरुण वत्स का रहा। तरुण ने बताया कि रविवार को शाहदरा से नोएडा सेक्टर 16 आने में उन्हें अन्य दिनों के मुकाबले 15-20 मिनट ज्यादा वक्त लगे। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर विजिबिलिटी बिलकुल भी नहीं थी और उन्हें बड़ी ही सावधानी से अपनी कार को आगे बढ़ाना पड़ा। घने कोहरे की वजह से कई ट्रेनें निर्धारित समय से कई फ्लाइट भी प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनें कई घंटे देरी से चल रही हैं, वहीं कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे के मुताबिक कोहरे और अन्य वजहों से देशभर में कुल 242 ट्रेनों को पूर्ण और 79 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है। !!

यूपी के नए डीजीपी होंगे CISF के डीजी ओपी सिंह, सीएम योगी से की मुलाकात !!

 उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी के नाम का खुलासा रविवार शाम तक हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सीआईएसएफ के डीजी ओपी सिंह ने आज सीएम योगी से मुलाकात की। उन्हें चेन्नई से बुलाया गया था। जिन तीन नामों की चर्चा प्रदेश के भावी डीजीपी के तौर पर थी, उनमें एक नाम ओपी सिंह का भी था। हालांकि उनकी ज्वॉइंनिग में कुछ दिन का समय लग सकता है, क्योंकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से किसी अधिकारी को प्रदेश लाने में दो से तीन दिनों का समय लगता है। गौरतलब है‌ कि प्रदेश के वर्तमान डीजीपी सुलखान सिंह का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। रविवार सुबह उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात भी की। सरकार को ऐसे डीजीपी की तलाश थी जो 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को संपन्न करा सके। इस मामले में ओपी सिंह सरकार की प्राथमिकता में फिट बैठ रहे थे। उनका कार्यकाल जनवरी 2020 तक है। इसके अलावा वरिष्ठता सूची के हिसाब से डीजीपी पद के पहले दावेदार प्रवीण सिंह का कार्यकाल जून 2018 तक है। वर्ममान में वह डीजी फायर के पद पर तैनात हैं। !!

दिल्ली की टॉप Universities, DU-JNU समेत एमिटी के 4 छात्र ड्रग्स के साथ गिरफ्तार !!

नई दिल्ली : दिल्ली के छात्र नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं. नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 1.140 किलो ड्रग्स के साथ चार छात्रों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार छात्रों में से दो छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी, एक जेएनयू और एओक छात्र एमिटी यूनिवर्सिटी का है. पुलिस ने इनके पास से ड्रग्स के साथ एलएसडी ब्लॉट पेपर जब्त किए हैं. पुलिस ने मिली जानकारी के मुताबिक, ये छात्र नए साल की पार्टी की तैयारी कर रहे थे और यह ड्रग्स उसी जश्न के लिए मंगाई गई थी. पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि छात्र किसी गिरोह से जुड़े हैं या फिर ड्रग्स निजी इस्तेमाल निजी के लिए लाए थे. बता दें कि नए साल पर नशे के इस्तेमाल को रोकने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाए हुए है. जगह-जगह तलाशी ली जा रही हैं. वाहनों को रोकर उनकी जांच की जा रही है. एनसीबी ने चारों की पहचान डीयू, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और एमिटी विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों के रूप में की है. इन्हें नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज एक्ट (एनडीपीएस) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है. एनसीबी के उप महानिदेशक (उत्तर) एस के झा ने बताया कि अनिरुद्ध माथुर, तेनजिन फुनचोंग और सैम मलिक सभी चरस लेने के आदी हैं और वे गौरव से चरस लेते थे. उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय कैम्पस क्षेत्र में मादक पदार्थ बड़े स्तर पर लिए जाते हैं. एनसीबी ने बताया कि हिंदू कॉलेज के छात्र गौरव का नाम इस गिरोह के सरगना के रूप में सामने आया है. !!

मेरठ पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 25 करोड़ रुपए के पुराने नोट किए बरामद !!

नई दिल्ली: मेरठ पुलिस को शुक्रवार को उस वक़्त बड़ी कामयाबी मिली जब परतापुर थाना इलाके के राजकमल एन्क्लेव में प्रोपर्टी डीलर और बिल्डर संजीव मित्तल के मकान में बने एक ऑफिस से लगभग 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी बरामद की गई. बताया जाता है कि पुरानी करेंसी को बदलने के एवज में यहां डीलिंग चल रही थी.

पुलिस ने 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी बरामद की
पुलिस ने छापेमारी कर लगभग 25 करोड़ रुपए बरामद किये, पकड़ी गई करेंसी में पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट मिले हैं. पुलिस ने मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया है. पकड़े गए लोगो से गहन पूछताछ की जा रही है. बताया जाता है कि बिल्डर संजीव मित्तल के मेरठ में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं. नोटबंदी के बाद ये मेरठ पुलिस के हाथ शुक्रवार को सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है. दिल्ली रोड पर राजकमल एंक्लेव में एक प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर छापा मारकर पुलिस ने 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी बरामद की है. मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

कम्पनी के ज़रिये आरटीजीएस करना चाहते थे.
यह ऑफिस प्रॉपर्टी डीलर संजीव मित्तल का है, जो पुलिस का छापा पड़ते ही फरार हो गया. पुलिस के मुताबिक दिल्ली के एक व्यक्ति के जरिए कमीशन पर पुराने नोट बदलने का सौदा तय हुआ था. वहीँ मौके से पकडे एक शख्स ने बताया कि उन्हें इस संबंध में ज़्यादा जानकारी नहीं है और ये पैसा संजीव मित्तल का है और वो इस पैसे को एक नामी तेल कम्पनी के ज़रिये आरटीजीएस करना चाहते थे.

10 कट्टों में तकरीबन 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी रखी हुई थी
पुलिस पिछले आठ 10 दिन से इंटरसेक्शन सर्विलांस और दूसरे माध्यम से इस पर नजर बनाए हुए थे शुक्रवार को दिल्ली रोड पर राजकमल एंक्लेव में मंदिर के सामने स्थित प्रॉपर्टी डीलर संजीव मित्तल के कार्यालय पर छापा मारा. ऑफिस के भीतर प्लास्टिक के 10 कट्टों में तकरीबन 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी रखी हुई थी. पुलिस ने सौदा कराने वाले दिल्ली के व्यक्ति सहित चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि नोटबंदी के बाद से अब तक की यह सबसे बड़ी रिकवरी है.

शहीद की पत्नी अस्पताल में तड़पकर मर गयी, आधार मांगता रहा अस्पताल !!

सोनीपत : कारगिल शहीद लक्ष्मण दास की पत्नी शकुंतला ने अस्पताल में तड़प कर दम तोड़ दिया लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बगैर आधार कार्ड के ईलाज शुरु नहीं किया . मां की हालत देखकर बेटे ने अस्पताल प्रबंधन से अनुरोध किया कि उनका इलाज शुरू कर दिया जाए लेकिन प्रबंधन नहीं माना. बेटा आधार लेने वापस घर लौटा. इसी बीच शहीद की पत्नी का निधन हो गया. शहीद का बेटा पवन इस घटना से बेहद नाराज है उसने प्रबंधन के खिलाफ लड़ाई की तैयारी कर ली है. इस पूरी घटना पर पवन ने कहा, रविवार को मां की तेरवहीं खत्म हो रही है. इसके बाद थाने में शिकायत करूंगा. दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि इस मामले में हैं हम शिकायत का इंतजार कर रहे हैं. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है .शकुंतला का दिल की बीमारी थी. इस बीमारी के कारण शरीर में सूजन भी था. मां की गंभीर हालत को देखते हुए बेटा पवन बाल्याण आर्मी डिस्परेंसरी पहुंचा यहां से उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया. अस्पताल प्रबंधन ने बगैर आधार के भरती करने से इनकार कर दिया. बेटा मां के इलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहा. विनती करता रहा लेकिन प्रबंधन ने एक ना सुनी. पवन ने बताया कि उसके पास आधार छोड़कर सारे कागजात थे लेकिन अस्पताल आधार की मांग पर अड़ा रहा. अस्पताल प्रबंधन ने शहीद की पत्नी का इसलिए इलाज करने से इंकार कर दिया था, क्योंकि वो ओरिजिनल आधार कार्ड साथ नहीं लाई थी। इस मामले में हरियाणा सरकार ने भी जांच की बात कही है। सूबे के मुखिया मनोहर लाल खट्टर ने कहा- ‘मुझे इस मामले की जानकारी मिली है। हम इसकी जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’अब इसे लेकर हर तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है। इस मामले में केंद्र सरकार भी हरकत में आई है और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने इसकी जांच की बात कही है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने कहा-‘ इस मामले में राज्य सरकार को संजीदगी दिखानी चाहिए। वहीं हमारे मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट लागू कराने को कहा है, ताकि इस तरह की घटनाएं आगे न हों।’

भारत में लांच हुआ पहला बिटकॉइन ट्रेडिंग एप, सरकार ने निवेशकों को बचने की सलाह जारी की !!

बिटकॉइन की खरीद-बिक्री के लिए देश का पहला मोबाइल आधारित एप लांच किया गया है। हालांकि, सरकार ने बिटकॉइन की तुलना पोंजी स्कीम से करते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
बिटकॉइन्स यानी आभासी मुद्राएं (क्रिप्टोकरेंसी) को लेकर इन दिनों काफी चर्चा है। लोगों में बिटकॉइन्स में निवेश को लेकर काफी सरगर्मी देखी जा रही है। भारत में भी ये चलन अपने पूरे जोर पर है। लेकिन सबसे आश्चर्य की बात ये है कि भारत सरकार इसे सुरक्षित नहीं मानती है। सरकार ने इसकी खरीद बिक्री के लिए इजाजत भी नहीं दी है, लेकिन इसके बावजूद इसका कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सरकार सिर्फ बीच-बीच में सलाह जारी कर लोगों को इस आभासी मुद्रा में निवेश के खतरों से आगाह करने का काम करती है बजाय कोई सख्त कार्रवाई करने के।बिटकॉइन्स के कारोबार और निवेशकों में उसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 28 दिसंबर को क्रिप्टोकरेंसी के डीलर प्लूटो एक्सचेंज ने भारत में आभासी मुद्राओं की लेन-देन के लिए पहला मोबाइल एप्लीकेशन शुरू करने की घोषणा की है। यह एक्सचेंज सभी लेन-देन को केवल मोबाइल नंबर के इस्तेमाल के जरिये ही अंजाम देगा। महज 4-डिजिट पिन का उपयोग कर यूजर मोबाइल नंबर के इस्तेमाल से बिटकॉइन की खरीद, बिक्री, उसका स्टोर और खर्च कर सकेंगे।एक्सचेंज के संस्थापक व प्रबंधक भरत वर्मा ने दावा किया कि पहले से बाजार में मौजूद एप्स का इस्तेमाल बिटकॉइन में लेन-देन करने में चूक होने का खतरा रहता है, लेकिन प्लूटो के एप्स में महज मोबाइल नंबर के 10 डिजिट से ही लेन-देन संभव हो जाएगा। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक सलाह जारी कर स्पष्ट किया है कि बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्राएं कोई वैध मुद्राएं नहीं हैं और भारत में इसके लिए नियामक संबंधी अनुमति या परिरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में निवेश के खतरों को लेकर लोगों को सतर्क किया है। वित्त मंत्रालय ने निवेशकों को सतर्क करते हुए कहा, “उपभोक्ताओं को ऐसी पोंजी योजनाओं में फंसने से बचने के लिए बहुत सतर्क रहने की जरूरत है।” मंत्रालय ने कहा कि बिटकॉइन की कोई ‘वास्तविक कीमत’ नहीं होती है। सरकार ने इसकी तुलना पोंजी स्कीम से की है, जिसमें भोले-भाले निवेशक धोखाधड़ी के शिकार होते हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आभासी मुद्राओं (वीसीज) को परिसंपत्तियों का कोई सहारा नहीं होता है, उनकी कीमतें पूर्णतया अनुमान पर आधारित होती हैं।वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि बिटकॉइन या अन्य आभासी मुद्राओं में निवेश बड़ा जोखिम है। आभासी मुद्राओं को डिजिटल रूप में संग्रह किया जाता है, जिससे इनके साथ कोई दुर्घटना हो सकती है, जैसे कोई इन्हें हैक कर सकता है या फिर पासवर्ड भूलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा मालवेयर के हमले से भी खतरे पैदा हो सकते हैं। इस तरह बिटकॉइन या अन्य आभासी मुद्राओं में निवेश किया गया पूरा पैसा डूब सकता है। इसमें लेन-देन कूट रूप में होता है, इसलिए इनका इस्तेमाल आतंकियों को धन मुहैया करवाने, तस्करी, नशीली दवाओं का कारोबार और अन्य धनशोधन जैसे अवैध व विनाशकारी गतिविधियों में भी किया जा सकता है। सरकार ने कहा कि आरबीआई ने बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के खतरों को लेकर निवेशकों को पहले भी तीन बार -दिसंबर 2013, फरवरी 2017 और दिसंबर 2017 में- सावधान किया है।इससे पहले एप जारी करने वाली कंपनी प्लूटो एक्सचेंज के भरत वर्मा ने बताया, “प्लूटो एक्सचेंज का नारा है- ‘अनबैंक द बैंक्ड बैंक’ यानी बैंक के काम की जटिलता से लोगों को मुक्त करो। क्योंकि बाजार में पहले से ही मौजूद दूसरे सभी एप बिटकॉइन के लेन-देन के लिए बिटकॉइन के पते का उपयोग करते हैं। प्लूटो एक्सचेंज इस पूरे परिदृश्य को बदल कर रख देगा और इन सारी जटिलताओं को एक झटके में खत्म कर देगा।” प्लूटो एक्सचेंज एक ओपन पेमेंट प्लेटफॉर्म और डीसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज है, जो सभी क्रिप्टो एक्सचेंज पर इश्यू किया जाता है। कंपनी ने दावा किया कि यह पहला एप आधारित वॉलेट है, जो मोबाइल नंबर के इस्तेमाल के जरिये बिटकॉइन लेन-देन में सक्षम बनाता है।भरत वर्मा ने कहा, “निवेश करना युवाओं का एक सपना होता है। हर कोई सुरक्षित व्यापार करना चाहता है। लेकिन बाजार ठगों से भरा पड़ा है। जालसाजी से संबंधित इन सभी घटनाओं को देखते हुए हमारी कंपनी ने एक नई पहल की है, जो सुरक्षा को बढ़ाएगा और निवेश में जालसाजी की घटनाओं में कमी लाएगा। यह एप प्रत्येक व्यक्ति को सभी प्रकार के लेन-देनों में केवल मोबाइल नंबर के इस्तेमाल के जरिये ही सरलता से सक्षम बनाएगा।”बिटकॉयन का न्यूयार्क में मूल्य साल 2016 में करीब 1,600 फीसदी बढ़ा है और वर्तमान में इसका मूल्य लगभग 15,000 डॉलर है। भारत में, एक बिटकॉयन की कीमत 10 लाख रुपये है और लोग इसे खरीदने में 3,000 रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक का निवेश कर रहे हैं। प्लूटो एक्सचेंज की स्थापना भरत वर्मा द्वारा 2017 में की गई थी। प्लूटो एक्सचेंज एक एप सक्षम क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट प्रदाता कंपनी है जिसका मुख्यालय दुबई में है तथा आईटी विभाग दिल्ली में है। !!

ऑनलाइन बैंकिंग में हो रही है धोखाधड़ी, 2017 में करीब 25,800 मामले किए गए दर्ज !!

नई दिल्‍ली। सरकार ने संसद में बताया कि वर्ष 2017 में (21 दिसंबर तक) क्रेडिट/डेबिट कार्ड तथा इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित 179 करोड़ रुपए की संलग्नता वाले करीब 25,800 धोखाधड़ी के मामले होने की सूचना है। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार बैंकों ने बताया है कि एटीएम/क्रेडिट/डेबिट कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी के दिसंबर 2017 की तिमाही (21 दिसंबर तक) में 10,220 मामले दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि उक्त तिमाही में इन धोखाधड़ी में शामिल राशि की मात्रा 111.85 करोड़ रुपए है। प्रसाद ने कहा कि सितंबर को समाप्त तिमाही में धोखाधड़ी के 7,372 मामले, जून को समाप्त तिमाही में 5,148 मामले और वर्ष 2017 के मार्च की तिमाही में 3,077 मामले के बारे में सूचना प्राप्त हुई है।

आईडीबीआई बैंक को सरकार से मिले 2792 करोड़ रुपए

सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक को सरकार से पूंजी निवेश के रूप में 2729 करोड़ रुपए मिले हैं। कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसे सरकार से 29 दिसंबर को इक्विटी के तरजीही निर्गम मद में शेयर मनी के रूप में 2729 करोड़ रुपए मिले हैं। बैंक के निदेशक मंडल की आगामी बैठक में सरकार को पूंजी के तरजीही आवंटन को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर विचार होगा।

थप्पड़’कांड’ ने पकड़ा तूल, आशा कुमारी और लेडी पुलिस कांस्टेबल से पूछताछ करेगी पुलिस !!

शिमला में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुए थप्पड़’कांड’ ने तूल पकड़ लिया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले की जांच प्रशासनिक रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में होगी। वहीं आशा कुमारी से पुलिस पूछताछ करेगी। साथ ही लेडी पुलिस कांस्टेबल से भी पूछताछ की जाएगी। हालांकि अब तक इस मामले में कांग्रेस विधायक आशा कुमारी से कोई पूछताछ नहीं हुई है।

यह है पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को शिमला पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम में अचानक हंगामा हो गया था। दरअसल हुआ यूं कि जब राहुल गांधी बैठक के लिए शिमला पहुंचे तो वे सीधे कांग्रेस कार्यालय में अंदर चले गए। कार्यालय के बाहर उनसे मिलने वालों की भारी भीड़ जमा थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वहां पुलिस बल भी तैनात था। तभी भीड़ में मौजूद डलहौजी विधानसभा से कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने एक महिला पुलिसकर्मी को थप्पड़ जड़ दिया। आशा कुमारी राहुल गांधी से मिलना चाह रही थीं, जबकि महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक दिया था। लेकिन वह नहीं रूकी। इस दौरान आशा ने जब पुलिसकर्मी को थप्पड़ जड़ा तो जवाब में उस महिला पुलिसकर्मी ने भी उनको बिना रूके थप्पड़ जड़ दिया। दोनों ने एक-दूसरे पर कई थप्पड़ जड़े। उधर, कांग्रेस मुख्यालय में पुलिस कांस्टेबल और कांग्रेस नेता व विधायक आशा कुमारी के बीच हुए थप्पड़कांड पर महिला पुलिस कर्मी द्वारा मामला दर्ज करवाए जाने के बाद विधायक ने भी पुलिस में शिकायत दी है। एसएचओ सदर के नाम शिकायत पत्र में आशा ने पुलिस कर्मी पर उन्हें बैठक के लिए अपने कांग्रेस कार्यालय में जाने से रोका। इस दौरान पूर्व मंत्री व विधायक कर्नल धनीराम शांडिल समेत अन्य नेता भी साथ थे। इस दौरान जब वे आगे जाने लगी तो उक्त महिला पुलिस कर्मी ने उन्हें धक्का दिया और हाथापाई की। आशा ने अपनी शिकायत में लिखा है कि वह डलहौजी से विधायक हैं और इस माह आए चुनाव में भी वह वहां से जीतकर आई हैं। उन्होंने आगे लिखा कि वे इस घटना के बाद बैठक में चली गई और वहां पर लगातार बैठकें थीं और इस कारण वह समय पर इस घटना की शिकायत नहीं कर पाई।

आशा कुमारी ने अपनी गलती पर भी मांगी थी माफी
आशा कुमारी ने थप्पड़कांड के बाद अपनी गलती पर मांफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि महिला कांस्टेबल ने उससे दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि मै उसकी मां की उम्र की हूं। उन्होंने कहा कि मैं मानती हूं कि मुझे अपने गुस्से पर काबू रखना चाहिए था। मैं इस गलती पर माफी मांगती हूं।