अब हवा में भरा जा सकता है विमान में ईंधन, मिली बड़ी सफलता !!

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने हवा में एयरक्राफ्ट में ईंधन भरने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय वायुसेना के एम्ब्रेडर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने हवा में ही विमान में ईंधन भरा है। वायुसेना के पास यह क्षमता आने के बाद उसकी ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है, ऐसे में इस क्षमता के आने के बाद आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना आसमान में ही विमान में ईंधन भर सकती है, इसके लिए उसे अब लैंड करने की जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि इस काम के लिए खास ट्रेनिंग की जरूरत होती है, जिसके बाद ही पायलट हवा में विमान में ईंधन भर सकते हैं। भारतीय वायुसेना के जवानों को यह खास ट्रेनिंग दी गई है। हवा में ईंधन भरने के लिए यह काफी जरूरी है कि जिस विमान में ईंधन भरा जाना है उसे दूसरे विमान के ईंधन टैंक को सही तरीके से अपनी बास्केट में शामिल किया जाना जरूरी है, लिहाजा फ्लाइंग मानको का पूरी तरह से पालन किया जाना भी काफी अहम है। गौरतलब है एम्ब्रेडर एयरक्राफ्ट की सफलता के बाद भारतीय वायुसेना उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो यह करने की क्षमता रखते हैं। इस सुविधा के बाद महज 10 मिनट के भीतर वायुसेना विमान में ईंधन भर सकती है, जिसके बाद विमान चार अतिरिक्त घंटों तक उड़ान भर सकता है। !!

यूपी: बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्ताओं को झटका !!

उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव खत्म होते ही नई बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। बिजली दरों की बढ़ोतरी ग्रामीण और शहरी दोनों जगह हुई हैं। बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए गुरुवार को लखनऊ में की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई । इसमें आयोग के चेयरमैन एसके अग्रवाल ने बिजली की बढ़ी दरों के बारे में बताया। एसके अग्रवाल ने कहा कि यूपी में बिजली दरों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूपी में करोड़ों नए उपभोक्ता जुड़ने जा रहे हैं इसके लिए बिजली की दरों में वृद्धि किया गया है। ग्रामीण इलाकों में हमे ज्यादा नुकसान हो रहा था। इसकी भरपाई के लिए हमने यहां भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है।

इस तरह से बढ़ी बिजली की दरें
अब यूपी में शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट के लिए 8 रुपये प्रतियूनिट की दर तय की गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण अनमीटर्ड व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 600 रुपए बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह देना हेागा। शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट 8 रुपये प्रतियूनिट किया गया है। शहरी व्यावसायिक फिक्स चार्ज 200 से बढ़ाकर 300 रुपये किया गया है। शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट की दर चुकानी होगी। ग्रामीण अनमीटर्ड कमर्शल उपभोक्ताओं को 1000 रुपये प्रतिमाह सिंचाई के लिए 100 के बजाए 150 प्रति बीएचपी मिलेगी। बिजली दरों में शहरी उपभोक्ताओं को 500 यूनिट से ऊपर 6.50 रुपए की दर से चार्ज देना होगा। शहरी उपभोक्ताओं को 150 यूनिट 4.90 रुपये की दर से मिलेगी वहीं शहरी उपभोक्ताओं को 150 से 300 यूनिट के बिजली 5.40 रुपये प्रतियूनिट की दर से मिलेगी ।

ग्रामीण इलाके में बिजली की दरें दो गुनी बढ़ी
ग्रामीण इलाके में बिजली दो गुने के करीब पहुंच गई है। यहां मार्च से 400 रुपये प्रति किलोवाट की दर निर्धारित कर दी गई है। ग्रामीणों को 150 से 300 यूनिट बिजली 4.50 रुपये प्रतियूनिट की दर में मिलेगी। ग्रामीण उपभोक्ताओं को 50 रुपए का फिक्स चार्ज निर्धारित किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहली 100 यूनिट बिजली 3 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मिलेगी। वहीं 100 से 150 यूनिट बिजली 3.50 रुपये में मिलेगी।

मीटर नहीं है तो हर महीने 300 रुपये
ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को अब प्रतिमाह 300 देना होगा। अब तक अनमीटर्ड के लिए उपभोक्ताओं को 180 रुपये देना होता था। शहरी उपभोक्ताओं को 500 यूनिट से ऊपर के लिए 6.30 रुपये निर्धारित किया गया है।

लालू से छीनी ‘जेड प्लस सिक्योरिटी’, जानिए क्या होता है इसका मतलब !!

केंद्र सराकर ने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जेड प्लस सुरक्षा को हटा लिया है, जिस पर सियासी बवाल मच गया है। लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने गुस्से में पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया और लालू ने भी कहा कि ये फैसला सही नहीं है। देश में बड़े नेताओं, बड़े अधिकारियों और खास शख्सियतों को सरकार की तरफ से अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। आज हम आपको बताते है देश में कितने प्रकार की सुरक्षाएं दी जाती हैं।

इतने प्रकार की होती है सुरक्षा
देश में दिग्गज नेताओं और बड़ी शख्सियतों को जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है। इन श्रेणी की सुरक्षाओं में केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज, मशहूर नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत में फिलहाल करीब 450 लोगों को इस तरह का सुरक्षा कवच मिला हुआ है।

ऐसी होती है जेड प्लस सुरक्षा?
केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली सभी सुरक्षा में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप ‘एसपीजी’, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स ‘एनएसजी’, इंडियन-तिब्बत बॉर्डर पुलिस ‘आईटीबीपी’ और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स ‘सीआरपीएफ’ एजेंसियां शामिल होती हैं। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वीवीआईपी श्रेणी की सुरक्षा मानी जाती है। यह देश की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसमें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के कमांडो शामिल रहते हैं। बता दें कि इस सुरक्षा में पहले घेरे की जिम्मेदारी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स की होती है। जबकि दूसरी परत की जिम्मेदारी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की होती है। इसके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी में शामिल रहते हैं।

ऐसी होती है जेड और वाई श्रेणी की सुरक्षा?
जेड श्रेणी की सुरक्षा में आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान और अधिकारी सुरक्षा में लगाए जाते हैं। इस श्रेणी की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या 22 होती है। जेड श्रेणी की सुरक्षा में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं। जबकि वाई श्रेणी सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या 11 होती है। जिनमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स (पीएसओ) शामिल होते हैं। एक्स कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है।

एसपीजी का गठन
वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1988 में एसपीजी का गठन हुआ था। जिसका सालाना बजट 300 करोड़ रुपये से अधिक है और इसे देश की सबसे महंगी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है। बता दें कि फिलहाल देश में सिर्फ आठ लोगों को यह सुरक्षा मिली हुई है। जिसमें पीएम मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, उनकी पत्नी गुरशरण कौर, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, उनकी दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्या, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका वाड्रा शामिल हैं। !!

80 रुपए प्रति किलो पहुंचे प्याज के दाम, दिसंबर में मिलेगी राहत !!

प्याज आम से लेकर खास तक की रसोई का जायका है। मौजूदा हालातों में भी प्याज की कीमतों में तेजी है। इस समय दिल्ली के खुदरा बाजार में प्याज 60 से 80 रुपए प्रति किलोग्राम के ऊंचे भाव पर बिक रहा है। लेकिन प्याज की नई आवक बढ़ने पर अगले कुछ दिनों में प्याज सस्ता होने की संभावना है। सप्ताह भर में दिल्ली की मंडियों में प्याज के थोक भाव 10 रुपए, मुख्य उत्पादक महाराष्ट्र की मंडियों में 7 रुपए किलो तक बढ़ चुके हैं। हालांकि मंगलवार को थोक कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल के मुकाबले इस साल प्याज तीन गुना अधिक महंगा बिक रहा है। दिल्ली के अलावा अन्य महानगरों में भी प्याज 50 से 70 रुपए प्रति किलो पर बेचा जा रहा है।

प्याज की MEP तय
राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एन.एच.आर.डी.एफ.) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खरीफ वाले प्याज की बुआई कम हुई थी। इसके साथ ही बीते दिनों उत्पादक क्षेत्रों में बारिश से प्याज की आपूर्ति बाधित हुई है। इस समय मंडियों में प्याज की आवक 20 से 25 फीसदी कम हो रही है। इस वजह से बीते कुछ दिनों से प्याज के दाम बढ़ रहे हैं। चूंकि अब नई आवक शुरू हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में यह जोर पकड़ने लगेगी और नई प्याज की गुणवत्ता भी अच्छी दिख रही है। सरकार ने निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य भी 850 डॉलर प्रति टन तय कर दिया है। ऐसे में जल्द ही प्याज के दाम सामान्य हो जाएंगे। अधिकारी ने कहा 15 दिसंबर तक प्याज के थोक 15-20 रुपए किलो के दायरे में आने की उम्मीद जताई।

दिसंबर में बड़ी मात्रा में होगी प्याज की आवक
हालांकि मंडी में प्याज की कीमतों में 2 से 3 रुपए किलो की गिरावट दर्ज की गई। अगले माह से गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के अलवर से नए प्याज की आवक बड़ी मात्रा में होने लगेगी। जिससे अगले 15 से 20 दिनों में प्याज के दाम गिरकर सामान्य स्तर पर आने की संभावना है। उधर, केंद्र ने भारतीय धातु एवं खनिज व्यापार निगम (एम.एम.टी.सी.) को 2,000 टन प्याज आयात करने और अन्य एजेंसियों जैसे नेफेड और एसएफएसी को स्थानीय रूप से प्याज खरीदने और उपभोग के क्षेत्रों में आपूर्ति करने के लिए कहा है। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीने के दौरान बड़ी मात्रा में निर्यात से प्याज की आपूर्ति कम हुई है। !!

उत्तर प्रदेशः बाराबंकी में वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर काटा बवाल, पुलिस ने भांजी लाठियां !!

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव का बुधवार को अंतिम चरण था। राज्य के कुल 26 जिलों में वोटिंग हुई। बाराबंकी भी इन्हीं जिलों में से एक था। मगर वोटिंग के दिन सुबह यहां बवाल देखने को मिला। मामला इतना बढ़ गया कि पोलिंग एजेंट्स ने तोड़फोड़ की। हालात काबू करने के लिए बाद में पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है। घटना यहां के पीर वटावन इलाके की है। सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे ईदगाह के पास वॉर्ड 26 में पोलिंग हो रही थी। एजेंट और पुलिस सब वहां पर तैनात थे। तभी वहां एजेंट्स ने कुर्सियां पलटाईं। पुलिस ने इसी बात पर उन पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद हालात सामान्य किए जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो घंटों बाद बाद हालात पर काबू पाया जा सका। लाठीचार्ज की जानकारी जैसे ही बाकी जगहों पर पहुंची, तो खलबली मच गई। लोग डर के कारण वोट डालने भी नहीं गए। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, वोटर से लिस्ट से नाम गायब होने पर लोग उग्र हो गए थे। उन्होंने पोलिंग बूथ पर रखी कुर्सियां और मेजें इस दौरान तोड़ दीं। एजेंट्स ने इस बाबत कहा कि वे पोलिंग बूथ से दूर बैठे हुए थे। पुलिस अचानक आई और बगैर पूछताछ के लाठियां भांजने लगी। वहीं, पुलिस ने बताया कि वटावन में ईदगाह के पास वॉर्ड 26 में एजेंट्स को कुर्सियां बूथ से दूर हटाकर रखने के लिए कहा गया था। मगर वे इस बात पर तैयार नहीं हुए। पुलिस को मजबूरी में उन पर लाठियां भांजनी पड़ीं। !!

एटीएम ट्रांजैक्शन फेल होने पर बैंक हर रोज देगा इतने रूपए का मुआवजा, आरबीआई !!

एटीएम ट्रांजैक्शन का फेल होना आजकल आमबात हो गई है। हम सभी जब भी एटीएम से पैसा निकालने जाते हैं, यह देखने को मिलता है कि एटीएम से पैसे तो निकलते नहीं, ठीक इसके विपरीत बैंक अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। जब ग्राहक अपने संबंधित बैंक को फोन करता है, तब बैंक अधिकारियों की तरफ कोई भी माकूल जवाब नहीं दिया जाता है। ऐसे में आम ग्राहक मायूस होकर खाते में पैसे आने का इंतजार करता रहता है। इस मामले में अब रिजर्व बैंक ने ग्राहकों की यह बड़ी समस्या आसान कर दी है। आप को जानकारी के लिए बता दें कि आरबीआई ने एक नया नियम जारी किया है, जिसके अनुसार एटीएम से रूपए निकालते वक्त यदि ट्रांजैक्शन फेल हुआ तो ग्राहक के शिकायत करने पर खाताधारक के संबंधित बैंक को उसके खाते में पैसे वापस करने होंगे तथा 100 रूपए मुआवजा भी देना होगा। आप को बता दें कि एटीएम किसी भी बैंक का हो लेनदेन असफल होने पर खाताधारक से संबंधित बैंक को यह मुआवजा राशि देनी ही होगी।

ट्रांजैक्शन फेल होने पर बैंक हर रोज देगा 100 रूपए मुआवजा !
मई 2011 में रिजर्व बैंक की ओर जारी निर्देशानुसार किसी भी बैंक के एटीएम से रूपए निकालते वक्त ट्रांजैक्शन फेल होने की स्थिति में सात कार्यदिवस के अंदर संबंधित बैंक को खाताधारक के खाते में पैसे जमा कराने होंगे, अन्यथा बैंक को अपने ग्राहक को 100 रूपए मुआवजा देना होगा। यहीं नहीं आरबीआई के इस नए नियम के अनुसार यदि ग्राहक के खाते जितने दिन तक पैसा वापस नहीं आएगा, उतने दिन तक हर रोज 100 रूपए बतौर पेनाल्टी बैंक को ग्राहक के खाते में जमा करना होगा।

ट्रांजैक्शन फेल होने पर ऐसे शिकायत दर्ज कराएं !
बैंक मुआवजा प्राप्त करने के लिए ग्राहक को ट्रांजैक्शन फेल होने के तीस दिनों के अंदर संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज करानी होगी।
आपको अपने अधिकृत बैंक कर्मचारी को एटीएम कार्ड की डिटेल बतानी होगी।
शिकायत दर्ज कराते वक्त बैंक में अकाउंट स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन पर्ची जमा करानी होगी।
सात ​कार्यदिवस के अंदर यदि पैसा आपके बैंक अकाउंट में वापस नहीं आता है, फिर आपको एनेक्शर-5 फॉर्म भरना होगा।
जिस दिन से आप एनेक्शर-5 फॉर्म भरकर बैंक में जमा करेंगे, उसी दिन से संबंधित बैंक आपके खाते में पैसे वापस नहीं आने तक प्रतिदिन 100 रूपए के हिसाब पेनल्टी देना शुरू कर देगा।
बैंक आपके खाते में जमा करेगा पेनल्टी

शिकायत करने में देरी की तो नहीं मिलेगा मुआवजा !
ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद अगर आप अपने संबंधित बैंक से मुआवजा अथवा पेनल्टी वसूलना चाहते हैं, तो आप को ट्रांजैक्शन फेल होने के तीस दिनों के अंदर बैंक में शिकायत दर्ज करानी होगी। अगर शिकायत दर्ज कराने की इस अवधि में देरी की तो आप बैंक से मुआवजा राशि प्राप्त करने के हकदार नहीं होंगे। !!

तेलंगाना CM राव ने इवांका को 40 लाख की साड़ी उपहार में दी, जानिए इसकी खासियत !!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ग्लोबल एंटरप्रनोरशिप समिट में शिरकत करने हैदराबाद आईं हुई हैं. राज्य में मेहमान बन कर आईं इवांका को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चद्रंशेखर राव ने एक खास साड़ी भेंट की है. इस गोलाभामा साड़ी की खासियत इसपर की गई चांदी की महीन कारीगरी है. सीएम राव ने इवांका को जो साड़ी गिफ्ट की है उसकी कीमत करीब 40 लाख रुपए बताई जा रही है. इसे करीमनगर जिले के कारीगरों ने तैयार किया है, जिसपर चांदी की महीन सजावट की गई है. तेलंगाना में चांदी की कारीगरी का इतिहास करीब 400 साल पुराना है. प्रतिरूपों को तैयार करने के लिए 120 परिवारों के कारीगर दिन-रात लगे रहे जबकि साड़ी का ऑर्डर करीब 2 महीने पहले ही दे दिया गया था. यही नहीं इवांका को भारत दौरे पर कई और भी तोहफे मिले हैं. उन्हें 2.5 किलो चांदी से बनी चारमीनार का एक प्रतिरूप और 1.5 किलो चांदी से बनी हंस की एक प्रतिमा भी गिफ्ट की गई है. भारत में इवांका के लिए खास डिनर का भी आयोजन किया गया था.

PM मोदी ने दिया स्पेशल गिफ्ट

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इवांका ने साझा रूप से समिट का उद्घाटन किया था. पीएम मोदी ने भी इवांका को लकड़ी का एक बॉक्स भी गिफ्ट किया, जिसपर गुजराती की कारीगरी की गई थी. इस कारीगरी को सडेली क्राफ्ट के नाम से भी जानते हैं. इस क्राफ्ट को सूरत के आसपास के एरिया में बनाया जाता है. इवांका ने कल कार्यक्रम पीएम मोदी की खूब तारीफ भी की थी. उन्होंने एक चाय वाले से पीएम बनने तक के सफर को अविश्वनीय बताया था और कहा था कि मैं इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर गर्व महसूस कर रही हूं कि जहां 15 सौ से ज्यादा महिला आंत्रप्रेन्योर्स भाग ले रही हैं. अमेरिका में हम महिला आंत्रप्रेन्योर्स को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं. !!

एक बिटक्वाइन खरीदने में खर्च करने पड़ेंगे इतने लाख, कितने हजार डॉलर के पार पहुंची कीमत, जानिए !!

बहुचर्चित क्रिप्टो करेंसी बिटक्वाइन का मूल्य बुधवार को पहली बार 10,000 डॉलर के पार पहुंच गया, जो लगभग 6,68,000 रुपये के बराबर है। इस गुप्त मुद्रा के मूल्य में निरंतर दर्ज की जा रही भारी तेजी के चलते निवेशक एक ओर जहां मालामाल हो रहे हैं, वहीं उनमें बुलबुला किसी भी वक्त फूट जाने का डर भी सता रहा है। ब्लूमबर्ग न्यूज के मुताबिक वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन ने एशिया में 10,379 डॉलर का ऊपरी स्तर छू लिया है, जो इस साल की शुरुआत में इसके मूल्य के मुकाबले 10 गुना से भी अधिक है। 2009 में जब बिटक्वाइन की शुरुआत हुई थी, तब इसकी एक यूनिट का मूल्य महज 15 पैसे था।

मुद्रा आठ साल पहले वजूद में आई थी
बिटक्वाइन की शुरुआत 2009 में एक इनक्रिप्टेड सॉफ्टवेयर के साथ हुई। माना जाता है कि इस सॉफ्टवेयर का कोड एक साधारण व्यक्ति ने लिखा था, जिसका नाम जापानी नाम से मिलता-जुलता है। बिटक्वाइन की हालांकि कोई वैधानिक विनिमय दर नहीं होती है। इसे किसी भी देश के केंद्रीय बैंक का समर्थन प्राप्त नहीं है। कई देशों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। इसकी ट्रेडिंग एक विशेष प्लेटफॉर्म पर होती है। इसके सहारे आप लंदन में एक ग्लास बियर से लेकर मेनीक्योर तक के लिए भुगतान कर सकते हैं। इस करेंसी में हालांकि लेन-देन कम और ट्रेडिंग ज्यादा हो रही है।

दो सप्ताह में 45 फीसदी हुआ मजबूत
गत महीने प्रमुख एक्सचेंज सीएमई ग्रुप ने कहा था कि वह बिटक्वाइन के लिए एक मार्केटप्लेस लांच करेगा। इससे इस मुद्रा को काफी मजबूती मिली। गत दो सप्ताह में ही इसका मूल्य 45 फीसदी चढ़ गया है। जनवरी 2017 में एक बिटक्वाइन की कीमत 752 डॉलर पर थी। इससे पहले इसे किसी भी प्रमुख एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं किया गया है।

बुलबुला फूटने का सता रहा है डर
बिटक्वाइन में भारी मजबूती से निवेशकों में चिंता भी पैदा हुई है। इसके आलोचकों का कहना है कि इसमें पहले कई बड़े उतार-चढ़ाव हुए हैं। मंगलवार को न्यूयार्क में एक क्रिप्टोकरेंसी सम्मेलन में हेज फंड प्रबंधक माइक नोवोग्रैट्ज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह एक बुलबुला है और इसमें काफी सारा झाग है।

यह हमारे जीवन का सबसे बड़ा बुलबुला साबित हो सकता है। कई अन्य प्रतिभागियों ने हालांकि एक निवेश विकल्प के रूप में इसकी सराहना की। सिंगापुर के सैक्सो बैंक के मैक्रो व क्रिप्टो रणनीतिकार के वान-पीटरसन ने कहा कि मुझे लगता है कि इसमें और तेजी आएगी। यह अगले छह से 18 माह में 50,000 से 1,00,000 डॉलर का स्तर छू सकता है।