रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों में खुलासा, ‘भारतीय क्षेत्र में चीनी सैनिकों की आक्रामकता बढ़ी, लंबा चलेगा तनाव’

रक्षा मंत्रालय की ओर से लद्दाख के कई इलाकों में चीनी सेना की घुसपैठ वाली बात स्वीकारने वाला दस्तावेज मंत्रालय के वेबसाइट पर अपलोड किए जाने की खबर के बाद कई लोगों ने इसपर सवाल उठाए हैं. हालांकि, इस दस्तावेज को अब वेबसाइट से हटा लिया गया है. कुमार विश्वास ने इस पर सवाल उठाया है. विश्वास ने गुरुवार को एक ट्वीट कर सरकार से इस मसले पर पुष्टि करने को कहा है. उन्होंने यह भी कि ‘इतिहास हर नायक की निर्मम समीक्षा करता है |

 

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘क्या यह सत्य है @DefenceMinIndia? भारतमाता के शुभ्र आंचल पर चीनी सेना के बूट पड़ें तो हो सकता है आज लोग किसी कारण से सवाल न उठाएँ पर भूलिए मत इतिहास हर नायक की निर्मम समीक्षा करता है | समय रहते देश को वास्तविकता बताइए व चीन को सच में बताइए कि ये इक्कीसवीं सदी का नया-भारत है | बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एक डॉक्यूमेंट अपलोड किया था, जिसके मुताबिक, लद्दाख के कई इलाकों में चीनी सेना के अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ीं. साइट पर अपलोड किए गए इस डॉक्यूमेंट में मंत्रालय ने स्वीकार किया था कि मई महीने से चीन लगातार LAC (Line of Actual Control) पर अपना अतिक्रमण बढ़ाता जा रहा है,

 

 

खासतौर से गलवान घाटी पैंगोंग त्सो गोगरा हॉट स्प्रिंग जैसे क्षेत्रों में. डॉक्यूमेंट के मुताबिक, चीन ने 17 से 18 मई के बीच लद्दाख में कुंगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर अतिक्रमण किया है. इसमें कहा गया है कि 5 मई के बाद से चीन का यह आक्रामक रूप LAC पर नजर आ रहा है. 5 और 6 मई को ही पैंगोंग त्सो भारत और चीन की सेना के बीच में झड़प हुई थी. लेकिन इसके कुछ देर बाद ही यह खबर आई कि रक्षा मंत्रालय ने इस दस्तावेज़ को अपनी वेबसाइट से हटा लिया है |

बता दें कि भारत चीन के बीच अप्रैल महीने से ही लद्दाख के कई इलाकों में सीमा विवाद चल रहा है, यह विवाद तब गंभीर तनाव में बदल गया था, जब 15 जून की रात को दोनों देशों के जवानों के बीच हिंसक झड़प हुई थी और इसमें 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान दे दी थी. विवाद को सुलझाने के लिए चीन और भारत में सैन्य वार्ता चल रही है. हालांकि, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का कहना है कि सरकार देश को चीन के साथ मौजूदा स्थिति पर साफ तस्वीर नहीं दिखा रही है. सरकार से मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगे जा रहे हैं |

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