चीन में कोरोना की वजह से हुई मौतों का सही आंकड़ा आखिर क्या हैं , और 1.50 करोड़ एक्टिव मोबाइल क्यों हैं बंद

 

चीन से शुरू होकर कोरोना वायरस आज पुरे विश्व में अपना डर और मौतों का तांडव मचा रहा हैं वहीं चीन अपने यहां मौतों का जो आंकड़ा बता रहा हैं वह कहीं न कहीं जहन में एक शक पैदा करता हैं |  चीन इन दिनों बता रहा है कि‍ उसके यहां नए मामलों में बहुत कमी आई है | मरने वालों की संख्या भी बहुत कम है. चीन के मुताबिक उसके यहां करीब 3,254 लोगों की मौतें हुई है, जबकि इटली में इससे ज्यादा मौत हो चुकी है | हालांकि यहां जो जानकारी हम आपको देने जा रहें है, वह बहुत ही भयावह है | ऐसा माना जा रहा है कि‍ चीन सही आंकड़े नहीं दे रहा. चीन झूठ बोल रहा है. आंकड़े छिपा रहा है. वुहान शहर और उसके आसपास अब कई घरों में रात को लाइट भी नहीं जलती, जबकि बिजली वितरण में कोई समस्या नहीं है. पहले यहां लाइट जला करती थी. यह मामला गंभीरता की ओर इशारा करता है |

 

 

भारत में जि‍यो, एयरटेल, आईडिया, वोडाफोन, बीएसएनएल जैसी दूरसंचार कंपनियां हैं. चीन में मुख्यतः 3 प्रमुख मोबाइल कम्पनियां हैं. जनवरी से मार्च के बीच इसके 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा एक्टिव ग्राहक गुम हो चुके है. 80 लाख से ज्यादा ऐसे लोग जो रोज इस मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे, वो अब कहां हैं इसकी जनकारी किसी को नहीं है. उस एक्टिव यूजर का मोबाइल अब बंद है | इन मोबाइल कम्पनियों को लेकर ये जानकारी सामने आई है कि‍ जनवरी 2020 से पहले हर महीने इसके ग्राहकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही थी. इसके अलावा ये भी जानकारी सामने आई है कि‍ जनवरी से पहले हर महीने चीनी मोबाइल कंपनियों के ग्राहक बढ़ रहे थे. जनवरी से मार्च तक 1 करोड़ 50 लाख एक्टिव ग्राहक कम हो चुके हैं. उनके मोबाइल बंद हो चुका है |

 

 

 

 

इसके अलावा, ये भी सत्य है कि‍ कई लोग 1 से ज्यादा मोबाइल रखते हैं. अगर 1 करोड़ 50 लाख एक्टिव नंबर अब बंद हो चुके हैं. बताया जाता है कि बंद हो चुके मोबाइल के यूजर अब अब इस दुनियां में नहीं हैं | वहां फैली कोरोनावायरस की चपेट में आकर उनकी मौत हो चुकी है. अगर हर शख्स 2 मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था तो कम हुए लोगों की संख्या करीब 75 लाख होगी. अगर हर शख्स 4 नंबर भी इस्तेमाल कर रहा था, तब भी कम हुए लोगो की संख्या 37 लाख 50 हजार के करीब होगी |

 

मामला बहुत गंभीर है. लाखों लोग चीन में गायब हैं. घरों में लाइट नहीं जल रही है. चीन ऐसा देश है, जहां मीडिया स्वतंत्र नहीं है. इसलिए चीन में करने वालों की सही संख्या भी विश्व के सामने नहीं आ रही है. चीनी सरकार अपने हिसाब से मौत की पुष्टि कर रही है |

 

 

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