गाजियाबाद के सईद नगर में ईद उल अजहा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन दिखा अलर्ट

राजेश भाष्कर / साहिबाबाद

ईद-उल जुहा यानी बकरीद. ईद-उल फितर के बाद मुसलमानों का ये दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है. दोनों ही मौके पर ईदगाह जाकर या मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है. ईद-उल फितर पर शीर बनाने का रिवाज है, जबकि ईद-उल जुहा पर बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी (बलि) दी जाती है | इस साल हालात एकदम अलग हैं. पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है. सोशल डिस्टेंसिंग इस वायरस से बचाव में सबसे जरूरी हथियार बताया गया है.

 

ऐसे में त्योहारों पर जमा होने वाली भीड़ पर भी सरकार पाबंदियां लगा रही है | अब जबकि मौका बकरीद का है तो इस पर भी विवाद हो रहा है. खासकर, दक्षिणपंथी विचार से जुड़े कुछ लोगों और नेताओं ने कुर्बानी न करने की भी बात कही है. जिन इलाकों में कुर्बानी करने की जगह नहीं होती, वहां इसके लिए एक जगह भी तय होती है, जहां बड़ी तादाद में लोग अपने-अपने जानवरों की कुर्बानी देते हैं. लेकिन इस बार सार्वजनिक स्थानों पर जमा होने की अनुमति नहीं है |

 

गाजियाबाद थाना साहिबाबाद क्षेत्र की शहीद नगर चौकी पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी दिखे मुस्तैद वही जनपद गाजियाबाद में किसी प्रकार की कोई अपने घटना ना हो इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरे जनपद में सील दिखाई दे रहा है |

 

चौकी सहीद नगर पर पुलिस अधीक्षक यातायात रामानंद कुशवाहा सहायक पुलिस अधीक्षक केशव कुमार नगर मजिस्ट्रेट शिव प्रताप शुक्ला क्षेत्राधिकारी साहिबाबाद यातायात महिपाल सिंह क्षेत्राधिकारी अभिसूचना इकाई वीरेंद्र सिंह प्रभारी निरीक्षक साहिबाबाद अनिल कुमार शाही में भारी पुलिस बल सहीद नगर पसोंडा आदि क्षेत्र में तैनात दिखाई दिया वहीं सुरक्षा की दृष्टि से 1 दिन पहले भी जनपद में फ्लैग मार्च किया गया था वहीं आज किसी प्रकार की कोई घटना की घटित ना हो पुलिस प्रशासन रख रहा है चप्पे-चप्पे पर नजर |

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