कोरोना लॉकडाउन : अगर आप अपने द्वारा ऑनलाइन आर्डर किये गए सामान की डिलवेरी के इंतज़ार में हैं तो ये पढ़िए …

कोरोना वायरस के खिलाफ देश ने सबसे बड़ा कदम उठा लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च की रात आठ बजे देश को संबोधित किया. उन्होंने अगले 21 दिन तक देश में कम्प्लीट लॉकडाउन का ऐलान किया है. साफ-साफ कहा कि ये एक तरह का कर्फ्यू ही है, जो ‘जनता कर्फ्यू’ से ज़्यादा सख़्त होगा. लेकिन इस सख्ती के बीच ऑनलाइन स्टोर्स की हालत खराब है. ज़्यादातर ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं. अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां पुराने ऑर्डर ही नहीं दे पा रहीं. ग्रोफर्स और बिग बास्केट भी ऑर्डर डिलीवर नहीं कर पा रहे |

मोदी ने छह दिन में दूसरी बार देश को संबोधित किया. इससे पहले उन्होंने 19 मार्च को देश को संबोधित किया था. तब उन्होंने 22 मार्च को एक दिन का ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने की अपील की थी |

 

 

दिल्ली समेत कई राज्यों ने अपने बॉर्डर सील कर दिए हैं. अब 21 दिन के लिए लॉकडाउन में बैठी जनता की एक ही चिंता है. ज़रूरी सामान- दूध, दवाइयां, सब्जियां, अनाज कैसे आएंगे? पीएम मोदी ने कर्फ्यू के लिए गाइडलाइन जारी की. इसके हिसाब से राशन, फल, सब्जी, दूध, मांस जैसी रोजमर्रा की जरूरत का सामान रखने वाली दुकानें खुली रहेंगी. ऑनलाइन सामान भी ऑर्डर कर सकते हैं. डिस्पेंसरी, दवा की दुकानें, मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें, लैब और नर्सिंग होम खुले रहेंगे. इनके कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए चलने वाली गाड़ियों को रोका नहीं जाएगा |

हालांकि पीएम के संबोधन से कुछ ही घंटे पहले ग्रोफर्स के फाउंडर अलबिंदर ढींडसा का एक ट्वीट आया. इसमें कहा गया |

https://twitter.com/albinder/status/1242340168100499456

 

“We regret to inform you that your order has been cancelled due to unforeseen circumstances” (आपको सूचित करते हुए दुःख हो रहा है कि अप्रत्याशित कारणों से आपका ऑर्डर कैंसल हो गया है) ये मैसेज और कमोबेश इसी तरह के मैसेज उन लाखों लोगों के मोबाइल पर आए, जिन्होंने कम्प्लीट लॉकडाउन के बाद अमेजन, बिग बास्केट और ग्रोफर्स जैसे ऑनलाइन बाज़ारों से सामान ऑर्डर किया |

क्या वजह है
कर्फ्यू में गोदाम बंद करवाना, सप्लाई ट्रकों को राज्यों की सीमाओं पर रोक दिया जाना और डिलीवरी के लिए निकले लोगों की सही पहचान न हो पाना इसकी सबसे बड़ी वजह हैं. ऑनलाइन ग्रोसरी प्लेटफॉर्म अब लोकल प्रशासन के साथ मिलकर इसका उपाय निकालने में लगे हुए हैं, ताकि ऑनलाइन ऑर्डर की सप्लाई अगले 24 घंटे में शुरू की जा सके |

सिर्फ़ ग्रोफर्स के पास 17 शहरों में दो लाख ऑर्डर ऐसे हैं, जिनकी डिलीवरी अभी तक नहीं हो सकी है. ग्रोफर्स के फाउंडर अलबिंदर ढींडसा ने कहा |

 

‘हम 22 मार्च को बंदी के लिए तैयार थे. लेकिन नियम हर दिन बदल रहे हैं और स्थानीय प्रशासन से हमारी बात बन नहीं पा रही है |

फ्लिपकार्ट ने सेवाएं रोक दी हैं
ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट ने अस्थायी तौर पर अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं. फ्लिपकार्ट ने लोगों से घर में रहने की अपील की है |

 

35 शहरों में डिलीवरी करने वाला ऑनलाइन स्टोर बिग बास्केट भी इसी तरह की दिक्कतें झेल रहा है. इनकी तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया |

‘हमारी टीम इसे ठीक करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. हम जल्दी ही पुराने तरीके से सप्लाई कर सकेंगे |

कम्प्लीट लॉक डाउन के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया. कहा, ‘दुकानों पर जाकर आप COVID-19 फैलने का खतरा उठा रहे हैं. पैनिक बाइंग न करें. घरों के भीतर रहें. मैं दोहराता हूं – केंद्रीय और राज्य सरकारें ये सुनिश्चित करेंगी कि ज़रूरी सामान उपलब्ध रहें | अब 21 दिन तक चलने वाले लॉकडाउन में ज़रूरी सामान कैसे मिलेगा, इसे लेकर लोगों में बड़ी चिंता है. ऑनलाइन सेवाएं जल्दी ही बहाल होने की उम्मीद है |

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