अर्णब गोस्वामी ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, सिब्बल ने कहा- आप अपने बयानों से साम्प्रदायिक हिंसा का माहौल बना रहे..

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की बेंच सुनवाई कर रही है। जिरह दौरान अर्णब के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि मेरे मुवक्किल के खिलाफ महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी में लगभग एक जैसी शिकायतें हैं। इस पर कांग्रेस की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने कहा, ‘आप ऐसे बयानों का हवाला देकर सांप्रदायिक हिंसा पैदा कर रहे हैं, अगर एफआईआर दर्ज की गई हैं, तो आप इसे ऐसे कैसे रोक सकते हैं? जांच होने दीजिए, इसमें क्या गलत है | दरअसल, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एक डिबेट के दौरान अर्णब ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने कई थानों में उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है। अर्णब ने इन शिकायतों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

अर्णब का आरोप- उन पर हमला किया गया

मुंबई में गुरुवार रात को ऑफिस से घर लौटते वक्त दो लोगों ने अर्णब की कार पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने अर्णब और उनकी पत्नी की कार पर स्याही फेंकी थी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस घटना की आलोचना की। जावड़ेकर ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। वहीं, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन भी इसे निंदनीय कृत्य बता चुके हैं।

क्या है विवाद |
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पिछले दिनों रिपब्लिक टीवी पर डिबेट के दौरान अर्णब ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की लिंचिंग के मुद्दे पर डिबेट के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर हिंदुओं को उकसाने की कोशिश की। इस मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पदाधिकारियों ने अर्णब के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई हैं।

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